ANMOL VACHAN – माचिस की तीली का सिर होता है पर दिमाग नहीं

ANMOL VACHAN – माचिस की तीली का सिर होता है पर दिमाग नहीं

माचिस की तीली का सिर होता है पर दिमाग नहीं,
इसलिए बह थोड़े ही संघर्ष से जल उठती है
हमारे पास सिर भी है और दिमाग भी फिर भी हम छोटी सी बात पर उत्तेजित क्यों हो जाते हैं

नए दिन के साथ नई ताकत और नए विचार आते हैं।

एक बार जब आप नकारात्मक विचारों की जगह सकारात्मक विचार को अपनाते है , तो आपको सकारात्मक परिणाम मिलने लगेंगे।

एक इंसान अपने विचारो से उत्त्पन होता है , वह जो सोचता है, वह बन जाता है।

जीवन में जो कुछ हो रहा है वह केवल 10% है ,बाकी 90% इस पर निर्भर है की आप इस पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं।

बहुत को बदला नहीं जा सकता। पर भविष्य आपके हाथ में है यही आपकी शक्ति है।

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप धीरे-धीरे कितने समय से चल रहे है,फर्क इससे पड़ता है की आप रुके नहीं ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twelve + seven =