Anmol Vachan – जिंदगी की उलझने हमारी शरारतें कम कर देतीं हैं

Anmol Vachan – जिंदगी की उलझने हमारी शरारतें कम कर देतीं हैं

जिंदगी की उलझने हमारी शरारतें कम कर देतीं हैं ,
कुछ लोग समझने लगते हैं कि हम समझदार हो गये

थोड़ा पढ़ना, अधिक सोचना; कम बोलना, अधिक सुनना-यह बुद्धिमान बनने के उपाय हैं। – रवीन्द्रनाथ ठाकुर

जिसमें बुध्दि नहीं है उसको शास्त्र से क्या लाभ? जैसे नेत्रहीन मनुष्य के लिए दर्पण बेकार है। – चाणक्य 

जिसमें बुध्दि नहीं हाई, उसको बिना सींग का पशु समझना चाहिए। – प्रेमचन्द

अगर आप वाकई में अपने जिंदगी में सफलता हासिल करना चाहते हैं, तो हर दिन खुद को बीते हुए दिन से बेहतर बनाइए।

प्रेम ही सबसे बड़ा शिक्षक है, प्रेम ही सर्वोत्कृष्ट शांतिदायक है। – स्वेट मार्डेन

प्रेम की कोई जाति नहीं, कोई धर्म नहीं, विचार-विवेक और भलाई-बुराई का उसे कुछ ज्ञान नहीं।

प्रार्थना ऐसे करो, मानो सब कुछ ईश्वर पर निर्भर है। काम ऐसे करो, मानो सब कुछ मनुष्य पर निर्भर है। – फ्रांसिस कार्डिनल स्पेलमैंन

शिखर तक पहुंचने के लिए ताकत की जरुरत होती है, फिर चाहे वो माउंट एवरेस्ट का शिखर हो अथवा आपके पेशे का शिखर हो।

ANMOL VACHAN – माचिस की तीली का सिर होता है पर दिमाग नहीं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

20 + 10 =