Anger | गुस्से को दबाना नहीं चहिये बल्कि, कैसे करें उसका उपयोग ताकि इससे कोई हानि न हो

Anger | गुस्से को दबाना नहीं चहिये बल्कि, कैसे करें उसका उपयोग ताकि इससे कोई हानि न हो

गुस्से को दबाना नहीं चहिये बल्कि, पढ़िये कैसे करें उसका उपयोग

भजन सागर। सर्वश्रेष्ठ और सद्गुणी व्यक्ति में यदि दुर्गुण ढूंढ़ें तो हो सकता है आपको असफलता हाथ लगेगी लेकिन इसके बावजूद एक दुर्गुण मिलने की आशंका रहेगी। आज की समय में सबसे ज्यादा परेशानी इसी दुर्गुण की बजह से है और वह है क्रोध। बच्चे से बूढ़े तक, अमीर से गरीब तक, आदमी हो या औरत सबको क्रोध ने अपनी चपेट में लिया हुआ है। जबकि हम सब ये जानते हुए भी कि क्रोध कई बीमारियों को जन्म देता है, लोग क्रोध करने से नहीं चूकते।

क्रोध से पहला नुकसान तो मनुष्य स्वयं करता है, फिर परिवार व समाज में, अपने व्यावसायिक क्षेत्र में संबंधों पर असर पड़ता है। खर इन सब जगह तो नुकसान की पूर्ति की जा सकती है, लेकिन जब माता-पिता और बच्चों के बीच क्रोध रिश्ते बिगाड़ता है, तो पूरा भविष्य दांव पर लग जाता है। यही नहीं कि क्रोधी माता-पिता के बच्चे आगे जाकर विकृत साबित हों। इसलिए जब आप माता-पिता बनें, सबसे पहले बाहर तथा भीतर क्रोध से मुक्ति पाएं और आपने आप मै सहनशक्ति लाये। यदि आप बाहर से शांत हो जाएं, लेकिन भीतर से क्रोध में भरे हों, तो आपके बच्चे उस वाइब्रेशन को कैच कर लेंगे।

यदि आपके बच्चे क्रोध से भरे हों, तो आप इसे दबाएं न, उनके क्रोध को संकल्प की शक्ति बना दें। जब बच्चे गुस्से में हों, आप माता-पिता के रूप में उन्हें अपने साथ बैठाएं और उन्हें अच्छे से समजायें क्योकि क्रोधी व्यक्ति यदि कमर सीधी करके बैठे तो ऊर्जा को रीढ़ से नीचे से ऊपर जाने में सुविधा होगी। यही शक्ति संकल्प में बदल जाएगी। क्रोध की अवस्था में इस प्रयोग को कोई भी कर सकता है। ऊर्जा को दबाएंगे तो किसी और रूप में नुकसान करेगी। सिर्फ कमर ही सीधी करनी है, आपकी शक्ति का आप ही सही उपयोग कर जाएंगे।

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